‘अटल टिंकरिंग लैब’ से पढ़ाई हुई आसान

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छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए नीति आयोग ने अटल इनोवेशन मिशन के तहत अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं की शुरुआत की है। तेलंगाना के मेडक से जहां स्कूली बच्चे कक्षा में जो कुछ सीखा है उससे आगे जा कर अपना ज्ञान बढ़ा रहे हैं।

ये बच्चे तेलंगाना के मेदक जिले के गजवेल मंडल स्थित छोटे से ग्रामीण इलाके से हैं .. ये बच्चे अपनी स्कूल की किताबों मे जो भी पढ़ते हैं, उसका प्रयोग और अनुभव अपनी असल जिंदगी में करने चाहते हैं.. कुछ दिनों पहले तक उनके लिए यह सिर्फ एक सपना जैसा था … क्योंकि इनमें से अधिकांश बच्चे कृषि पृष्ठभूमि से आते हैं.. गजवेल इलाका पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है …. चुनौतियों और कठिनाइयों के बावजूद, इन छात्रों ने हार नहीं मानी … और आखिर में इन युवा लड़कों और लड़कियों के लिए यह सपना सच साबित हुआ है… ।

हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा गीता हाई स्कूल की अकादमिक उत्कृष्टता को देखते हुए, नीति आयोग ने अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्कूल को अटल टिंकरिंग लैब को मंजूरी दे दी… जिससे इन बच्चे को आस्मां में उड़ान भरने के लिए पंख मिल सके ।

स्कूल में इस प्रयोगशाला को बनाने में करीब 12 लाख का खर्च आया । स्कूल की एक अध्यापिका कहती हैं कि, “प्रयोगशाला बनाने के लिए वित्तीय सहायता देने के लिए हम नीति अयोग के आभारी हैं। इस प्रयोगशाला की मदद से इस ग्रामीण युवाओं के कौशल को निखारने में मदद मिलेगी।”

प्रयोगशाला की मदद से इन छात्रों को विज्ञान या प्रौद्योगिकी से जुड़े कई नये पहलुओं को सीखने का मौका मिला है। प्रयोगशाला के प्रशिक्षकों ने इन छात्रों को STEM Method के माध्यम से नवाचार की दुनिया से जुड़ रहे है .. गौरतलब है कि सरकार का मकसद देशभर में माध्‍यमिक स्कूली बच्‍चों के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित की शिक्षा को बढ़ावा देना है।