आर्मी कैप्टन की नवविवाहिता पत्नी ने फांसी लगाकर अत्महत्या की

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भोपाल@ चूनाभट्टी इलाके में आर्मी के कैप्टन की नवविवाहिता डॉक्टर पत्नी ने मायके में फांसी लगाकर अत्महत्या कर ली। दहेज लोभियों ने रुपए नहीं मिलने पर उसका गर्भपात तक करा दिया था। इतना ही नहीं मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देते हुए उसे ससुराल तक से निकाल दिया था।

मृतका के पिता ने ससुराल वालों पर दहेज प्रतड़ना के आरोप लगाए हैं। हालांकि, सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के असल कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पीड़िता मृतका की 8 माह पहले जनवरी में ही शादी हुई थी। पुलिस के अनुसार 33, छत्रपति कॉलोनी, चूनाभट्टी निवासी देवेंद्र सक्सेना सेंट्रल एक्साइज के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर हैं। उन्होंने अपनी 28 वर्षीय बेटी आयुषी की जनवरी, 2017 में इंदौर निवासी डॉ.आदित्य सक्सेना से शादी की थी। आदित्य आर्मी में कैप्टन हैं।करीब तीन माह से आयुषी मायके में रह रही थी। मंगलवार करीब सुबह 9 बजे देवेंद्र अपनी पत्नी और आयुषी के साथ कॉलोनी में हो रहे ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कुछ देर बाद ही आयुषी चाबी लेकर घर लौट आई। करीब सवा दस बजे सक्सेना दंपती घर लौटे तो दरवाजे अंदर से बंद थे। खिड़की से झांकने पर आयुषी फांसी लटकी दिखी। सूचना मिलते ही घर पहुंची चूनाभट्टी पुलिस ने शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। देवेंद्र ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। नवविवाहिता की आत्महत्या का मामला होने के कारण मामले की जांच सीएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।

देवेंद्र ने बताया कि बीती 18 जनवरी को आयुषी की शादी इंदौर के विजय नगर निवासी डॉ.आदित्य सक्सेना से हुई थी। आदित्य जम्मू-कश्मीर में पदस्थ हैं। आयुषी के ससुर रिटायर्ड स्टेशन सुप्रींटेंडेंट हैं, जबकि सास डेली कॉलेज में शिक्षिका हैं। देवेंद्र ने आरोप लगाए कि शादी के दिन इंदौर पहुंचते ही आरोपियों ने उनसे दहेज की मांग शुरू कर दी थी।हमने उनके लिए कार और बेटे की पढ़ाई के लिए 11 लाख रुपए दिए। आयुषी यदि हमसे फोन पर बात करती थी, तो उसे जलील किया जाता था। उन्होंने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था, ताकि वह किसी से बात न कर सके। उन्होंने उसका गर्भपात भी करवा दिया था। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में थी। बीते तीन महीने से वह हमारे साथ ही रह रही थी।देवेंद्र ने बताया कि आयुषी ने एमबीबीएस के बाद बंसल अस्पताल में डॉक्टर थी। शादी के बाद ससुराल इंदौर में होने के कारण उसने जॉब छोड़ दिया था। मायके में आने के बाद से ही वह मानसिक तनाव में थी। गुमशुम रहना देखकर हमने उसका दाखिला पीजी कोर्स में करवा दिया था। इसके बाद भी वह ससुराल की प्रताड़ना से नहीं उबर पा रही थी।