“अंतरा” और “छाया” रोकेगी बढ़ती हुई आबादी

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सिवनी @ राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर सिवनी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में 12 सितंबर को नवीन गर्भनिरोधक साधनों के तरीके “अतरा” एवं ” छाया” के उपयोग का शुभारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. श्रीवास्त ने बताया कि परिवार छोटा रखने एवं बच्चों के बीच अंतर रखने के लिये महिलाओं को अब गर्भ निरोधक गोलियॉ छाया के रूप में तथा अंतरा नामक इंजेक्शन गर्भ निरोधक के रूप में लगवाना आसान होगा। गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा को तीन माह में एक बार लगवाना होता है। इससे महिलाओं को अनचाहे गर्भ का सामना नहीं करना पडेगा। वही नई गर्भ निरोधक गोली छाया सप्ताह में दो बार लेना होगी। इस प्रकार नये गर्भ निरोधक साधनों के उपयोग से बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना आसान हो जायेगा। छाया नामक गोली ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता तक उपलब्ध कराई जायेगी जबकि अंतरा इंजेक्शन चिकित्सक की देखरेख में महिलाओं को लगाया जायेगा।

मुख्य रूप से विवाह की आयु महिला की 18 वर्ष एवं पुरूष की 21 वर्ष होना आवश्यक है। विवाह के लगभग दो वर्ष बाद पहली संतान तथा पहली संतान के बाद तीन साल का अंतर रख कर दुसरी संतान का जन्म होना चाहिए तथा दो बच्चों के बाद माता-पिता में से किसी एक को परिवार कल्याण के स्थायी साधन अपनाना चाहिए। इस प्रकार परिवार की योजना बनाने से परिवार का सर्वागिण विकास हो पाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इन साधनों का प्रयोग दम्पति को स्वास्थ्य कार्यकर्ता अथवा चिकित्सक के परामर्श से ही लेना चाहिये। शुभारंभ अवसर पर इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय सिवनी के सभी स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं चिकित्सक के अलावा स्टाफ नर्स भी उपस्थित थी।