चित्रकूट जिला कारागार में मुख्तार अंसारी गैंग के मुकीम काला और मेराजुद्दीन को मारने वाला अंशुल दीक्षित कौन है, यहां पढ़ें

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चित्रकूट. शुक्रवार सुबह चित्रकूट जिला जेल में अंशुल दीक्षित ने माफिया मुकीम गाला को गोलियों से भून दिया. इस घटना के बाद से प्रदेश की सियासत गरमा गई है. अंशुल दीक्षित ने जेल में ही मुकीम काला और मेराजुद्दीन को जेल में ही मार डाला. बताया जा रहा है कि दोनों मुकीम काला और मेराजुद्दीन मुख्तार अंसारी के खास थे. जवाबी कार्रवाई में जेल पुलिस ने अंशुल दीक्षित को भी मार गिराया.

कौन है ये अंशुल दीक्षित

कुछ साल पहले के वायरल हो रहे एक वीडियो से यह स्पष्ट हो रहा है कि अंशुल बेहद शातिर किस्म का अपराधी था तथा जेलों में उसका दबदबा रहता था. वायरल वीडियो में वह जेल के अंदर से ही एक किसी को धमकी देते हुए दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि यह अंशुल दीक्षित का वायरल या वीडियो 2018 में रायबरेली जेल का है.

आपको बता दें कि सीतापुर जिले के मानकपुर कुड़रा बनी का रहने वाला अंशुल दीक्षित लखनऊ यूनिवर्सिटी का छात्र रह चुका है. यूनिवर्सिटी में ही वह कई अपराधियों के संपर्क में आया था. लखनऊ यूनिवर्सिटी में एडमिशन के बाद अंशुल दीक्षित ने छात्र राजनीति के में कदम रखा.

उसके बाद उसके ऊपर यूनिवर्सिटी के छात्र नेता और तत्कालीन सेक्रेटरी विनोद त्रिपाठी और गौरव सिंह की हत्या का आरोप लगा था. इसके साथ ही वह लखनऊ के सीएमओ हत्याकांड में भी आरोपी रह चुका था. 2008 में अंशुल को बिहार के गोपालगंज में अवैध असलम के एक जखीरे के साथ पकड़ा गया था.

उस समय अंशुल के पास से 9 एमएम की पिस्टल और कई अन्य अवैध हथियार मिले थे. साल 2013 में जब उसे जीआरपी सीतापुर द्वारा पेशी पर ले जाया जा जा रहा था, तब वह जीआरपी की कस्टडी से भाग गया था. इसके बाद अंशुल को 2014 में गोरखपुर एसटीएफ ने दबोचा था. अंशुल दीक्षित पर जीआरपी सीतापुर ने 5 हजार, जबकि मध्यप्रदेश के भोपाल पुलिस ने 10 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था.

मुख्तार अंसारी का परिवार सहमा
चित्रकूट जेल में गैंगवार के बाद मुख्तार अंसारी का परिवार भी सहम गया है। मुख्तार के बड़े भाई और सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि जेल के भीतर गैंगवार पहली बार सुन रहा हूं। खेत में, गलियों में और सड़कों पर गैंगवार सुनी है लेकिन जेल के भीतर इस तरह की बात पहली बार सुन रहा हूं। ऐसा कहा जाता है कि यूपी में जेल की व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं बावजूद इस तरह की घटनाएं होने से डर का माहौल पैदा हो जाता है।

मुख्तार की सुरक्षा को लेकर अफजाल ने कहा कि खुद मुख्तार ही हमेशा पेशी के दौरान और वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सुरक्षा की गुहार लगाते रहते हैं। जाहिर सी बात है। सुरक्षा को लेकर तो वह खुद ही कई बार बोल चुके हैं। अफजाल ने कहा कि आज तो ईद का त्यौहार है। सुबह से ही लोग घर पर मिलने के लिए आ रहे हैं। सरकार दावा करती है कि जेलों की सुरक्षा दुरुस्त है लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की पोल खोलती हैं।

दिनेश कुमार सिंह दोबारा पहुंचे चित्रकूट, मण्डलायुक्त के सत्यनारायण आईजी भी पहुंचे घटना स्थल, शुभ्रांत कुमार शुक्ला जिलाधिकारी पहुंचे घटना स्थल, सीएम योगी ने 6 घंटे में जांच रिपोर्ट देने का दिया था आदेश।