टिड्डी दल के हमले का अनुभव शेयर करते हुए अभिनेता धर्मेंद्र ने बताई ये बातें

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बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र ने टिड्डियों का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर शेयर किया है, जिसमें बड़ी मात्रा में टिड्डियों को देखा जा सकता है. कोरोना वायरस से जहां पूरा देश जूझ रहा है, वहीं इसके बीच अब एक नई मुसीबत आ गई है।

कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में अब टिड्डियों के झुंड ने तांडव मचा रखा है. राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा के बाद अब महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पंजाब में रेगिस्तानी टिड्डियों का दल बड़े पैमाने पर फसलों को नष्ट कर रहा है।

धर्मेंद्र ने टिड्डियों का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है, ‘सावधान रहिएगा, हम इस मुसीबत को झेल चुके हैं. उस समय जब मैं दसवीं क्लास में पढ़ता था. सभी छात्रों को इन्हें मारने के लिए बुला लिया गया था. प्लीज ध्यान रखिएगा.’ इस तरह धर्मेंद्र ने अपने फैन्स को टिड्डियों से सावधान रहने की सलाह दी है।

वहीं टिड्डियों को लेकर सरकार का कहना है कि तीन दशकों में यह देश में सबसे खराब टिड्डी हमला है. कृषि मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि राजस्थान के 20, मध्य प्रदेश में 9, गुजरात में दो और उत्तर प्रदेश और पंजाब में एक-एक जिलों के 47,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले 303 स्थानों पर टिड्डी रोकथाम के उपाय और छिड़काव अभियान चलाए गए हैं ।

आपको बता दे कि, राजस्थान, हरियाणा और यूपी में कहर मचाने वाली टिड्‌डी इन दिनों लॉकडाउन में कोरोना वायरस के बाद दूसरी सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं। हरे भरे खेतों को देखते ही देखते चट करने वाली टिड्‌डी पिछले साल जब पाकिस्तान में कहर बरपा रही थी तो वहां सिंध के मंत्री मोहम्मद इस्माइल ने लोगों को टिड्डी की बिरयानी खाने की सलाह दी थी। तब दुनियाभर में टिड्‌डी हमले पर काबू नहीं पाने और ऐसी सलाह पर पाकिस्तान की जमकर किरकिरी हुई थी।

लेकिन अब वैसी ही स्थिति देश में है और यहां भी टिड्‌डी दल रेगिस्तानी इलाकों से निकलकर जयपुर और दिल्ली जैसे शहरों तक पहुंच गए हैं। इसी बीच अब पाकिस्तनी मंत्री जैसी सलाह भारत के कुछ हेल्थ एक्सपर्ट भी कर रहे हैं।

दरअसल, कुछ मिनटों में पूरे खेत की फसल चट करने वाली इन टिड्‌डियों को कई देशों में व्यंजन के रूप में खाया जाता रहा है। इसमें पाये जाने वाले फाइटोस्टीरॉल को दिल की बीमारी में फायदेमंद बताया गया है। यह खून में कॉलेस्ट्रॉल को घटाता है। यही कारण है कि खाड़ी देशों में टिड्‌डी की बिरयानी ही नहीं कई अन्य रेसिपी भी तैयार होती हैं और इसे बड़े चाव से खाया जाता है।