नकली पुस्तकों का व्यवसाय करने वाले पुस्तक विक्रेताओं के विरूद्ध होगी कार्यवाही

शेयर करें:

झाबुआ @ शासन द्वारा समस्त शासकीय तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शासन द्वारा अनुमोदित एवं विहित पाठ्य पुस्तकें ही पढ़ाई जाने का प्रावधान शासन द्वारा किया गया है। म.प्र. में प्राथमिक मिडिल स्कूलों में राज्य शासन द्वारा निर्मित नियम के अंतर्गत म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम पाठ्य पुस्तके मुद्रित करने एवं वितरित करने के लिए अधिकृत है। कक्षा 1 से 12 तक विहित पुस्तकों को मुद्रित एवं वितरित करने का मध्यप्रदेश राज्य के अंतर्गत म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम का एकाधिकार है।
पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा मुद्रित पुस्तकों के प्रतिरूप दिखाई देने वाली नकली पुस्तकों का व्यावसाय करने वाले पुस्तक विक्रेताओं के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। कापीराईट एक्ट 1957 की धारा 63 के तहत नकली पुस्तकों का व्यावसाय करने वाले व्यक्ति को न्यायालय द्वारा 6 माह से 3 साल तक के कारावास तथा 50 हजार से 2 लाख तक जुर्माना करने का प्रावधान है।