एक कश्मीरी ऐसा जिसने गंदगी के खिलाफ छेड़ रखा है जेहाद

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कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो तमाम मुश्किलें भी रास्ता नहीं रोक पातीं। इसे सच साबित किया है कश्मीर के एक छोटे से गांव के रहने वाले किशोर बिलाल अहमद डार ने। बिलाल के इस जज्बे और कारनामे को पूरा देश सलाम कर रहा है। सफाई के लिए अलख जगाने वाले और वुलर झील को साफ करने की जिद ने उसे देशभर में हीरो बना दिया है।

उम्र 18 साल और रुतबा श्रीनगर नगर निगम के ब्रैंड एम्बैसडर का। ये परिचय है वुलर झील को बचाने और इसमें फेंके जाने वाले कचरे से अपने परिवार का गुजारा चलाने वाले बिलाल अहमद डार का। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि महज 18 साल के बिलाल पिछले पांच साल से वुलर झील की सफाई में निरंतर लगे हुए हैं। इस झील से प्लास्टिक के सामान, पॉलिथीन और गंदगी को हटाना उनकी दिनचर्या में शुमार है। बिलाल की इस पहल से वुलर झील पहले से काफी साफ और सुंदर हो रही है।

बिलाल की कहानी उनके पिता की मौत के बाद शुरू होती है। सिर पर घर की ज़िम्मेदारियों का बोझ था, पढ़ाई बीच में अधूरी छोड़नी पड़ी, घर चलाने के लिए बिलाल परिवार को लेकर बांदीपोरा से श्रीनगर आ गए। श्रीनगर में मज़दूरी करने के दौरान बिलाल को एक दिन वुलर को साफ करने का ख़्याल यूं ही आया। अब पिछले पांच सालों से बिलाल हर दिन बिलाल झील से प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें और पॉलिथीन वगैरह इकट्ठा करते है और उसे बाजार में बेच आते हैं। इससे एक तो झील भी साफ हो रही है और उनके परिवार की गुज़र-बसर हो भी रही है।

बिलाल असल ज़िंदगी में नायक बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपने मन की बात कार्यक्रम में बिलाल के कार्यों की खूब सराहना की। बिलाल की कहानी हमारे उस यकीन को पुख्ता करती है कि देश बदल रहा है और बिलाल जैसे आम युवा देश की विकास यात्रा में अगुवा साबित हो रहे हैं।