81 करोड़ लोगों को सीधा और पारदर्शी लाभ 5.27 लाख उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से मिलेगा: पासवान

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राम विलास पासवान, केन्‍द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री, श्री अरुण जेटली को कल 1 फरवरी, 2017 को ऐतिहासिक बजट प्रस्‍तुत करने के लिए बधाई दी। श्री पासवान ने कहा कि श्री जेटली का बजट दो मायनों में महत्‍वपूर्ण है – पहला यह कि वर्ष 1924 में अंग्रेजों के समय से ही अलग से पेश किया जाने वाला रेल बजट उन्‍होंने आम बजट के साथ प्रस्‍तुत किया। दूसरा यह कि 1 फरवरी को बजट प्रस्‍तुत करने से सभी प्रकार के सरकारी कार्यों को पूरा करने के लिए 12 माह का समय मिल जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं को समय पर और तेज गति से पूरा करने में सहायता मिलेगी। बजट ने सरकार की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया है।

श्री पासवान ने केंद्रीय वित्त मंत्री को बजट भाषण में महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार के प्रयासों की चर्चा करने पर धन्‍यवाद दिया, जिसके परिणामस्‍वरूप मुद्रास्‍फीति न केवल नियंत्रण में रही, बल्‍कि उपभोक्ता आधारित मूल्‍य सूचकांक (CPI Based Inflation) जुलाई, 2016 के 6% के स्‍तर से घटकर दिसम्‍बर, 2016 में 3.4% रह गया है।

निष्‍पक्ष और पारदर्शी व्‍यवस्‍था के आधार पर पात्र व्‍यक्तियों और परिवारों के बीच सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए भी सरकार ने विगत 2½ वर्षों से निरन्‍तर प्रयास किया है, जिसके नतीजे अब सामने आने लगे हैं।

श्री पासवान ने PDS सुधारों पर खाद्य विभाग द्वारा संचालित राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना पर बोलते हुए कहा कि इसी वर्ष मार्च के अंत तक सभी बड़े राज्‍यों में नकदी रहित अनाज के वितरण की व्‍यवस्‍था हो जाएगी। कुछेक राज्‍यों को मिला कर जून अंत तक पूरे देश की 5 लाख 27 हज़ार दुकानें कम्‍प्‍यूटराइज्‍ड हो जाएंगी, लाभार्थियों की पहचान ‘आधार’ से होगी और सबसे बड़ी बात यह है कि इन दुकानों पर नकदी रहित व्‍यवस्‍था भी प्रारम्‍भ हो जाएगी। इसका सीधा लाभ देश के लगभग 81 करोड़ लोगों को मिलेगा। राज्‍यों को अपनी दुकानों के कम्‍प्‍यूटरीकरण के लिए केन्‍द्र सरकार सहायता कर रही है और PDS दुकानदारों के मार्जिन के लिए भी वर्ष 2017-18 में 4500 करोड़ की व्‍यवस्‍था की गई है, जो इस वर्ष मात्र 2500 करोड़ रुपए थी।

श्री पासवान ने उपभोक्ता वस्‍तुओं की महंगाई पर पहली बार काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी का भी धन्‍यवाद किया। आम उपभोक्ताओं को महंगाई की मार से बचाने के लिए दालों का बफर स्‍टॉक 20 लाख टन तक किया गया है, जिसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में मात्र 900 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान को बढ़ा कर 3400 करोड़ रुपए कर दिया गया है। दलहन के क्षेत्र में सरकार के इस बड़े कदम से लाखों किसानों को भी लाभ पहुंचा है।

वर्ष 2017-18 में उपभोक्ता मामले विभाग के लिए 3727 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें मूल्‍य स्‍थिरीकरण निधि (Price Stablization Fund) 3500 करोड़ रुपए है। चालू वित्तीय वर्ष से ही पूरे देश में खाद्य सुरक्षा कानून लागू हो गया है, जिससे खाद्य सब्‍सिडी के वर्ष 2016-17 के बजटीय प्रावधान 1 लाख 30 हज़ार 334.61 करोड़ को बढ़ा कर 1 लाख 45 हज़ार 138.60 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

किसानों से सरकारी खरीद के लिए Decentralised Procurement (DCP) योजना को प्रोत्‍साहन दिया जा रहा है और आज लगभग 17 राज्‍य DCP पद्धति अपना चुके हैं। भारतीय खाद्य निगम ने ऑनलाइन खरीद प्रणाली शुरू कर दी है और कई राज्‍य भी इस व्‍यवस्‍था को अपना चुके हैं। इसका सीधा प्रभाव हमारे देश के किसानों पर पड़ रहा है, जिससे उनके खातों में पारदर्शी ढंग से सीधे राशि का हस्‍तांतरण हो रहा है।

DCP खरीद के लिए सब्‍सिडी की राशि को भी चालू वित्तीय वर्ष के प्रावधान 30672.96 करोड़ रुपए से बढ़ा कर 38 हज़ार करोड़ रुपए किया गया है।