4 साल मोदी सरकारः संचार मंत्री मनोज सिन्हा और भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने गिनाईं उपलब्धियां

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केंद्रीय मंत्रियों द्वारा अपने मंत्रालयों की उपलब्धियां पेश करने का सिलसिला जारी है। संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि अगले महीने तक नई राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति आ सकती है, वहीं भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने भी एनडीए सरकार की चार साल की उपलब्धियां का लेखा-जोखा पेश किया।

केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार के चार साल पूरा होने के मौके पर केंद्र के मंत्री संवाददाता सम्मेलनों के जरिए सरकार की उपलब्धियां जनता के सामने रख रहे हैं। इसी कड़ी में संचार मंत्री मनोज सिन्हा कल मीडिया से मुखातिब हुए। सिन्हा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में टेलीकॉम सेक्टर में पारदर्शिता आई है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018 को जुलाई के अंत तक कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी। वहीं भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने मोदी सरकार के 4 साल पूरा होने पर अपने मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाते कहा कि अब तक घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भेल, आज मुनाफा कमाने वाली कंपनी बन चुकी है l

केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार के चार साल पूरा होने के मौके पर केंद्र के मंत्री संवाददाता सम्मेलनों के जरिए सरकार की उपलब्धियां जनता के सामने रख रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को मीडिया से मुखातिब हुए संचार मंत्री मनोज सिन्हा। अपने मंत्रालय के चार साल के कामकाज का लेखा-जोखा देते हुए संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि डिजिटल इंडिया और वित्तीय समावेशन को मूर्त रूप देने में टेलीकॉम और डाक विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चार वर्षों में टेलीकॉम सेक्टर में पारदर्शिता आई है, साथ ही सुचारू डिजिटल कनेक्टिविटी और नागरिक केंद्रित सेवाएं मुहैया कराने में सरकार ने सफलता हासिल की है।

संचार मंत्री ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018 को जुलाई के अंत तक कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी। सभी को 2022 तक ब्रॉडबैंड मुहैया कराना, संचार क्षेत्र में 2022 तक 40 लाख नौकरियां बढ़ाना, डिजिटल संचार क्षेत्र के जीडीपी में योगदान को 2022 तक बढ़ाकर 8 प्रतिशत करना और देश की डिजिटल संप्रभुता सुनिश्चित करना, इस नीति के मुख्य उद्देश्य हैं।

संचार मंत्री ने कहा कि 2014 से 2019 के बीच दूरसंचार क्षेत्र पर खर्च में 6 गुना वृद्धि हुई है। देश में दूरसंचार घनत्व, जो जून 2014 में 75 प्रतिशत था, वो मार्च 2018 तक बढ़कर 93 प्रतिशत हो गया है। साथ ही मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या मार्च 2014 में 23 करोड़ से बढ़कर दिसंबर 2017 में 42.5 करोड़ तक पहुंच गई है। पिछले तीन साल में टेलीकॉम सेक्टर में एफडीआई में 5 गुना का इजाफा हुआ है ।

वहीं भारी उद्दोग मंत्री अनंत गीते ने मोदी सरकार के 4 साल पूरा होने पर अपने मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाते कहा कि घाटे में रहने वाली भेल को मुनाफे की कंपनी बना दी गयी है और अब वो 1500 करोड़ के फायदे में है। भारी उद्योग मंत्रालय इलेक्ट्रिक वाहनों को बढावा देने के लिए फेज 2 शुरु कर रही है जिससे लोगों को आसानी से बैटरी चालित 2 व्हीलर और 4 व्हीलर मिलेंगे ।

गौरतलब है कि चार साल पहले 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के साथ ही एक ही लक्ष्य रखा गया और और वो विकास का था। तब से सरकार सबका साथ सबका विकास के लक्ष्य के साथ तेजी से काम कर रही है । चार साल के मौके पर इसी विकास के कामों को जनता तक पहुंचाने के लिए सरकार के मंत्री प्रेस कांफ्रेस कर रहे हैं ।

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदल रहा लोगों का जीवन

ये हैं मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के करकेली विकासखंड में आने वाले कोइलारी गांव में रहने वाले दस्सु। अब से कुछ वक्त पहले तक ये जहाँ एक कच्ची झोपड़ी में रहते थे वहीं अब सुंदर पक्के मकान में रहकर दस्सु के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। दस्सु के पक्के घर का ये सपना पूरा हुआ है प्रधानमंत्री आवास योजना से। पहले जहां कच्चे मकान में गर्मी, सर्दी और बरसात के मौसम में दस्सु को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था लेकिन अब वे इस मजबूत पक्के मकान में अपने परिवार के साथ सुखी और परेशानी मुक्त जीवन जी रहे हैं। पक्के मकान में रहने से दस्सु के परिजनों के रहन-सहन में भी सुधार देखा जा सकता है। अपने जीवन में आये इस परिवर्तन के लिये दस्सु प्रधानमंत्री और केन्द्र सरकार का शुक्रिया अदा करते नहीं थकते।

पीएम आवास योजना से लाभान्वित दस्सू बैगा की पत्नी देवकी भी इस नये ठिकाने पर आकर खासी उत्साहित हैं उन्होंने बताया की पहले बैगा आदिवासियों की किसी सरकार द्वारा सुध नहीं ली गई लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने बैगा आदिवासियों सहित जनजाति वर्ग की समस्याओं को दूर करने की पहल की और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें प्राथमिकता से पक्के घर प्रदान किये। दस्सु की पत्नि के अलावा उनके बच्चे भी नया घर पाकर बेहद खुश नजर आये।

दस्सु जैसे न जाने ऐसे कितने लाभार्थी हैं जिनकी जिंदगी को प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदल दिया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की अवधारणा को साकार करते हुए केन्द्र सरकार अंतिम तबके तक शासन की हर योजना का लाभ सुनिश्चित कर रही है जो नये इंडिया के निर्माण में काफी अहम् साबित हो रही हैं।

नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की गंगा

ये है जगदलपुर के गांव पखनारचा …. आज से कुछ समय पहले तक नक्सल प्रभावित इस आदिवासी इलाके में लोग मोबाइल पर बात तक नहीं कर पाते थे क्योंकि आसपास कोई मोबाईल टॉवर नहीं था, लेकिन अब मोबाईल फोन मनोरंजन का पूरा साधन बन चुका है।

डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत छत्तीसगढ़ में इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बीएसएनल एक खास प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। प्रोजेक्ट के तहत छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दूर दराज के गांवों तक इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने और इसमें सुधार लाने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रोजेक्ट के तहत पूरे बस्तर संभाग के सभी 2जी और 3जी टॉवरों को विस्तार करने का काम शुरू कर दिया गया है। ताकि मोबाइल कॉलिंग के साथ-साथ बेहतर डाटा कनेक्टिविटी भी मिल सकेगी। इसके साथ ही संभाग में 99 जगहों पर 2जी और 218 जगहों पर 3जी टावर भी लगाए जा रहे है।

केन्द्र सरकार की भारत नेट परियोजना के तहत दूसरे चरण में राज्य में 32 हजार किमी से अधिक ऑप्टिकल फाइवर नेटवर्क (ओएफसी) बिछाई जाएगी। इसके जरिए राज्य के 5987 ग्राम पंचायतों में हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।