भारत और यूरोपीय संघ के बीच 3 समझौते

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भारत और यूरोपीय संघ के बीच सौर, मेट्रो और विज्ञान एवं शोध के क्षेत्रों में निवेश के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के साथ भारत के बहुआयामी और सामरिक संबंधों को बेहद अहम बताया है। साथ ही भारत और यूरोपीय संघ आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने और इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

भारत और 28 देशों के यूरोपीय संघ के बीच दिल्ली के हैदराबाद हाउस में शुक्रवार को हुई शिखर बैठक में न केवल आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने पर सहमति बनी बल्कि आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे मसलों पर भी मिलकर काम करने की रजामंदी हुई है।

शिखर बैठक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनॉल्ड एफ टस्क और यूरोपीय संघ के प्रमुख जीन क्लाड यूंकर ने भारत के साथ विस्तार से वार्ता की। दोनों पक्षों की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में आतंकवाद और उसको मिल रही वित्तीय मदद जैसे मसलों पर मिलकर काम करने और साझा लड़ाई लड़ने पर सहमति व्यक्त की गई।

पीएम ने यूरोपीय यूनियन के साथ भागीदारी को बेहद अहम बताते हुए कहा कि भारत उससे सबसे पहले राजनयिक संबंध स्थापित करने वालों में से है। यूरोपीय संघ और भारत के संयुक्त बयान में दोनों पक्षों के घनिष्ठ संबंधों को उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पिछले साल ब्रसेल्स में हुए सम्मेलन के बाद रिश्तों में और मजबूती आई है। दोनों पक्षों ने कहा कि गतिशील व्यापार को विकसित करने और वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई है। दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार पर ज़रूरी वार्ता जल्द शुरू करने पर भी रजामंदी जताई है।

बैठक में दोनों पक्षों ने 2020 के एजेंडे की समीक्षा भी की। पीएम ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच उपयोगी विचार-विमर्श हुआ है और हम कई नए क्षेत्रों में संबंध बनाने में सफल हुए हैं। दोनों पक्षों के बीच तीन समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं। इनमें पहले समझौता अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में निवेश से जुड़ा है। इसके अलावा यूरोपीय निवेश बैंक बैंगलोर मेट्रो के 18 नए स्टेशन रैपिड ट्रांजिट लाइन के निर्माण के लिए 500 मिलियन यूरो की राशि प्रदान करेगा। इसके अलावा विज्ञान के क्षेत्र में शोध पर भी एक समझौता हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष स्वच्छ उर्जा के लिए काम करेंगे और जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते को लागू करने पर सहमत हैं। स्मार्ट सिटी और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे। दोनों पक्षों के बीच रोहिंग्या शरणार्थी समस्या और उत्तर कोरिया के मसले पर भी बात हुई।

रोहिंग्या के मसले पर यूरोपीय संघ ने चिंता जताई और म्यांमार से इस मुद्दे को मानवीय तरीके से सुलझाने पर जोर दिया। वहीं उत्तर कोरिया के मसले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उस पर ज्यादा दबाब बनाने पर दोनों पक्ष सहमत थे। कुल मिलाकर दोनों देशों ने बहुआयामी संबंध मजबूत करते हुए रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता पर रखा है।