बाढ़ बचाव कार्य के लिए संवेदनशील तटबंधों पर 24 घटें की जा रही है पेट्रोलिंग

शेयर करें:

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ0प्र0 द्वारा आज दी गयी जानकारी के अनुसार क्षतिग्रस्त तटबंधों में सुधार कराया जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित जनपदों/ क्षेत्रों में बाढ़ बचाव कार्यों को तेजी से किया जा रहा है। संवेदनशील तटबंधों की लगातार 24 घंटे पेट्रोलिंग की जा रही है। विभागीय एवं प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाये जा रहे हैं।

मुख्य अभियन्ता (पूर्वीगंगा) मुरादाबाद द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार बदायूँ एवं रामपुर में गंगा एवं कोसी नदी पर बने तटबंध संवेदनशील किन्तु सुरक्षित है। कहीं-कहीं पर कटान हुआ है उसका मरम्मत कार्य किया जा रहा है। मुख्य अभियन्ता (गण्डक) गोरखपुर के अनुसार कुसीनगर, बलिया, आजमगढ़, नवलपरासी (महराजगंज), महराजगंज, सिद्धार्थनगर में बड़ी गण्डक, रोहिन एवं बूढ़ी राप्ती पर बना तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है तथा बचाव कार्य कराया जा रहा है।

गोरखपुर में रोहिन गुर्रा एवं राप्ती पर बने तटबंध क्षतिग्रस्त हो गये हैं। राप्ती के सभी तटबंध पर अतिसंवेदनशील स्थित बनी हुई है तथा स्थिति अत्यन्त गम्भीर है। प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी लगातार बंधों पर पेट्रोलिंग किया जा रहा है। गोण्डा में सकरौर भिखारीपुर बांध पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 50 सेमी. ऊपर बह रही है तटबंध अति संवेदनशील स्थिति में है।

मुख्य अभियन्ता (सरयू प्रथम) फैजाबाद के द्वारा की गयी सूचना के अनुसार गोण्डा एवं बाराबंकी तथा बांध संवेदनशील है। मुख्य अभियन्ता (सरयू प्रथम) फैजाबाद तथा मुख्य अभियन्ता (शारदा) के अनुसार बलरामपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर तथा शाहजहांपुर में राप्ती, शारदा, घाघरा, शारदा एवं गंगा नदी पर बने सभी गांव एवं तटबंध सुरक्षित है।