प्रदेश में 24 और नये उपार्जन केन्द्र

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रतलाम @ प्रदेश में प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत गठित समिति की सिफारिश पर राज्य में चना, मसूर और सरसों के लिये 24 नये उपार्जन केन्द्र मंजूर किये गये हैं। इन केन्द्रों पर तत्काल खरीदी शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं। नये केन्द्रों में रायसेन और उज्जैन जिले में तीन-तीन, अशोकनगर, खण्डवा, होशंगाबाद और मंदसौर में दो-दो, बैतूल, भिण्ड, शाजापुर, आगर, शिवपुरी, छिन्दवाड़ा, श्योपुर, ग्वालियर और झाबुआ में एक-एक नया उपार्जन केन्द्र शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज वीडियो-कॉन्फ्रेंस के दौरान किसानों की सुविधा को देखते हुए नये उपार्जन केन्द्र शुरू करने के निर्देश दिये थे। प्रमुख सचिव किसान-कल्याण एवं कृषि विकास डॉ. राजेश राजौरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में 24 नये उपार्जन केन्द्रों को मंजूरी दी गई। कलेक्टर्स से इन केन्द्रों में सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिये कहा गया है।

प्राइस सपोर्ट स्कीम की बैठक में रबी मार्केटिंग सीजन 2018-19 के लिये होशंगाबाद और हरदा जिलों के लिये चना की औसत उत्पादकता का नया निर्धारण किया गया है। होशंगाबाद एवं हरदा जिलों में चना की औसत उत्पादकता 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के स्थान पर 19 क्विंटल तथा भिण्ड और मुरैना जिलों के लिये सरसों फसल की औसत उत्पादकता 13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के स्थान पर 15 क्विंटल निर्धारित की गई है। इस संबंध में भी प्रमुख सचिव किसान-कल्याण एवं कृषि विकास द्वारा होशंगाबाद, हरदा, भिण्ड और मुरैना कलेक्टरों को निर्देश दे दिये गये हैं।