15 साल पहले मप्र देश के बीमारू राज्यों में शुमार था : जेटली

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राहुल गांधी 1947 के बाद से अब तक के सबसे नासमझ नेता, नोटबंदी पर कुछ न बोले जेटली और तो और RBI और सरकार के बीच हुए घमासान पर भी मौन रहे।

जबलपुर। प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि 2003 के समय मैं प्रदेश का प्रभारी था और लगातार प्रवास के चलते मप्र में आना होता था और मुझे याद है कि मप्र का नाम कभी देश के 22वें तो कभी 25वें स्थान पर आता था। आजादी के बाद से देश के कुछ राज्य जिन्हें बीमारू कहा जाता था उनमें मप्र भी हुआ करता था और उस समय केवल 3 मुद्दे सड़क, बिजली और पानी हुआ करते थे। इनकी कमी से लगता था कि जैसे हम अफ्रीका के जंगल में रहते हों किंतु आज 2018 में प्रदेश के लोगों का एजेंडा बदल चुका है अब तो बीमारू शब्द याद भी नहीं रहता है।

15 वर्षो में मप्र का विकास हुआ
मप्र कृषि उत्पादन में देश का नम्बर 1 राज्य होगा। किसी ने नहीं सोचा होगा कि मप्र की इकोनॉमिक ग्रोथ तेजी से आगे बढ़ेगी जो 10 प्रतिशत और कृषि की ग्रोथ 20 प्रतिशत होगी क्योंकि विश्व में 3 या साढ़े 3 प्रतिशत की इकोनॉमिक ग्रोथ को अच्छा माना जाता है और विकसित देशों में एक से डेढ़ प्रतिशत की इकोनॉमिक ग्रोथ को बेहतर माना जाता है किंतु मप्र की इकोनॉमिक ग्रोथ लगातार 10 प्रतिशत से बढ़ी है। किसी प्रदेश के शहर आगे बढ़ते हैं और गांवों का स्तर ऊपर उठता है तो उसका असर व्यापार और उद्योग में पड़ता है। मप्र में भी शहरों और गांवों का उत्तरोत्तर विकास हुआ है जिससे प्रदेश आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री शिवराज जी की सफलता है कि अब जनता की सोच बदली है और उन्नति एवं विकास के विषय में सोचा जाता है।

प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में दिल्ली के नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. राजेन्द्र फडके वरिष्ठ अधिवक्ता रविनंदन सिंह नगर अध्यक्ष जी.एस.ठाकुर, मनोनीत विधायक श्रीमती एल.बी.लोबो, डॉ. जितेन्द्र जामदार मंचासीन थे। कार्यक्रम का संचालन सीए अखिलेश जैन ने किया।