कमला हैरिस के जीवन के 15 रोचक तथ्य

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भारतीय मूल की कमला देवी हैरिस ने ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 20 जनवरी 2021 को अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। हैरिस (56) अमेरिका की 49वीं उपराष्ट्रपति हैं। वह राष्ट्रपति जो बाइडन (78) के साथ काम करेंगी। आपको बता दें कि ‘कमला हैरिस’ ने 2020 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की घोषणा उन्होंने मार्टिन लूथर के जन्मदिन के दिन की थी जो महात्मा गांधी के प्रशंसक थे। 2020 के चुनाव में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की घोषणा करने वाली ये चौथी सभासद हैं। इनका नारा है- ‘‘कमला हैरिस लोगों के लिए”।

कमला देवी हैरिस ने 61 वर्षीय माइक पेंस की जगह ली है, जबकि बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप की जगह ली है। चेन्नई निवासी प्रवासी भारतीय की बेटी हैरिस ने अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया है। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत एवं पहली एशियाई अमेरिकी भी हैं। इस नाते उनके पति डगलस एमहॉफ (56) अमेरिका के इतिहास में ‘सेकेंड जेंटलमैन’ का खिताब पाने वाले पहले पुरूष हैं।

कमला हैरिस के जीवन के कुछ रोचक पृष्ठ 

1. परिचय
28 अक्टूबर 1964 को ऑकलैंड कैलिफोर्निया में जन्मी कमला के पिता का नाम डोनाल्ड हैरिस और माता का नाम श्यामला गोपालन है। इनके पिता प्रोफेसर थे और माँ चिकित्सक थीं। इनका लालन-पालन सैन फ्रांसिसको की पूर्वी खाड़ी में हुआ। इन्होंने सार्वजनिक विद्यालयों में अपने अध्ययन के साथ अश्वेत गिरजाघरों में अर्चना-उपासना अनवरत जारी रखी। इसके अतिरिक्त वह पूजा-पाठ के लिए अपनी माँ के साथ मंदिर भी जाती थीं। अश्वेत हावर्ड विश्वविद्यालय से इन्होंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात कानून की पढ़ाई की।

हालांकि वह दौर अश्वेत लोगों के लिए सहज नहीं था। कमला और माया की परवरिश के दौरान उनकी मां ने दोनों को अपनी पृष्ठभूमि से जोड़े रखा और उन्हें अपनी साझा विरासत पर गर्व करना सिखाया। वह भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी रहीं। वह भारत में अपने नाना नानी के परिवार से मिलने अक्सर आती रहीं।

2. छोटी उम्र से ही मानवाधिकार की लड़ाई
कमला हैरिस ने छोटी उम्र से ही मानवाधिकार के लिए लड़ना आरंभ कर दिया था। छोटी उम्र में वह अपने माता-पिता के साथ नागरिक अधिकारों के कार्यक्रम में गई। 12 वर्ष की उम्र में जब वह मांट्रियल में रह रही थीं, तब उन्होंने भवन परिसर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, क्योंकि वहाँ बच्चों को खेलने की अनुमति इसलिए नहीं थी कि उनका घास का मैदान खराब हो जाएगा। उन्होंने भवन प्रबंधन को अपनी नीति बदलने के लिए मना लिया।

3. समलैंगिकों को समर्थन
कमला हैरिस अपने समर्थकों एवं राजनेताओं के साथ सेन फ्रांसिस्को में प्राइड परेड नामक समलैंगिकों की परेड में शामिल हुईं। जहाँ उन्होंने उनके साथ नृत्य भी किया।

4. समाज के लिए कार्य
हैरिस ने सभी समुदायों के अधिकार की लड़ाई लड़ी। पद ग्रहण करने के बाद, उसने कामकाजी लोगों के लिए मजदूरी बढ़ाने, आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार करने, स्वास्थ्य सेवा अनिवार्य बनाने, मादक द्रव्यों के सेवन को महामारी संबोधित करने, सैन्य और दिग्गज परिवारों का समर्थन करने और चाइल्ड केयर तक पहुँच का विस्तार करने का कानून पेश किया है। इन्होंने एक कार्यक्रम आरंभ किया है जो पहली बार ड्रग अपराधियों को हाईस्कूल डिप्लोमा हासिल करने और रोजगार खोलने का मौका देता है।

5. राजनीतिक कैरियर का श्रेय माँ को
कमला हैरिस अपने राजनैतिक कैरियर का श्रेय अपनी माँ को देती हैं। उनके अनुसार उनकी माँ ने उन्हें जो प्रेरणा दी है उसी से उनके अंदर जिम्मेदारी की भावना जागृत की, उनकी माँ उनकी प्रेरणा स्रोत हैं। नवंबर में अपनी जीत के बाद ऐतिहासिक भाषण में हैरिस ने अपनी दिवंगत मां, जो नागरिक अधिकार कार्यकर्ता भी थीं, को याद करते हुए कहा था कि उन्होंने उनके राजनीतिक करियर में इस बड़े दिन के लिए उन्हें तैयार किया था।

उन्होंने यह भी कहा था कि वह उपराष्ट्रपति पद पर सत्तासीन होने वाली पहली महिला हो सकती हैं, लेकिन वह अंतिम नहीं होंगी। उनके अनुसार अपनी दिवंगत माँ की सीख के कारण ही वह समस्याओं का सामना करके आगे बढ़ने में सक्षम हुईं। माँ की सीख से ही वह इतनी सशक्त बनीं। हैरिस ने कई मिसालें कायम की हैं। वह सेन फ्रांसिस्को की डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी बनने वाली पहली महिला, पहली भारतवंशी और पहली अफ्रीकी अमेरिकी हैं।

6. सर्वेक्षण में पाँचवे स्थान पर
हैरिस के राष्ट्रपति के चुनाव में अपने नाम की घोषणा करने का प्रमुख कारण यह है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के सर्वेक्षण में उन्होंने पाँचवा स्थान प्राप्त किया है जिससे उन्हें यह अनुभूति हुई कि वो इस पद की प्रबल दावेदार हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में कमला हैरिस उन पाँच नामों में शामिल हैं जिन्होंने भारत का नाम रौशन किया है। वह राष्ट्रपति पद की चुनावी प्रतियोगिता में डोनाल्ड ट्रंप की सशक्त प्रतिद्वंदी हैं।

7. पति‘ को मिला सेकेंड जेंटलमैन’ का खिताब
हैरिस ने अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया है। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत एवं पहली एशियाई अमेरिकी भी हैं। इस नाते उनके पति डगलस एमहॉफ (56) अमेरिका के इतिहास में ‘सेकेंड जेंटलमैन’ का खिताब पाने वाले पहले पुरूष हैं।

8. लेखिका के रूप में
कमला हैरिस ने अनेक पुस्तकें भी लिखी हैं जिनके नाम हैं – स्मार्ट ऑन क्राइम, द ट्रूथ वी होल्डः एन अमेरिकन, सुपर हीरोज आर एवरी वेयर । इन पुस्तकों में उन्होंने अपनी माँ के बारे में लिखा है कि वो उनकी सुपर हीरो थीं। उन्हीं से सीख कर वो आगे बढ़ी हैं। आज वो जो भी हैं उन्हीं के परिश्रम का फल है। माँ की सीख से ही वह इतनी सशक्त बनीं।

9. माँ ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ीं अनुसंधानकर्ता थीं
हैरिस भारतीय मां और जमैका से ताल्लुक रखने वाले अफ्रीकी-अमेरिकी पिता की पुत्री हैं। वह 1964 में कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में जन्मी थीं। उनकी मां श्यामला गोपालन हैरिस चेन्नई से थीं। वह ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ीं अनुसंधानकर्ता थीं जिनका निधन 2009 में कैंसर की वजह से हुआ था। हैरिस के पिता डोनाल्ड अर्थशास्त्र के जमैकियन-अमेरिकी प्रोफेसर हैं।

10. फीमेल ओबामा’ के नाम से लोकप्रिय
राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार रहे जो बाइडन ने अगस्त में उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के रूप में हैरिस को चुना था। अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी बाइडन की किसी समय हैरिस कटु आलोचक रही हैं । 56 वर्षीय हैरिस सीनेट के तीन एशियाई अमेरिकी सदस्यों में से एक हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में वह ‘फीमेल ओबामा’ के नाम से लोकप्रिय थीं।

11. दो बाइबल पर हाथ रखकर ली शपथ
उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमेयर ने हैरिस को शपथ दिलाई। हैरिस ने दो बाइबलों पर हाथ रखकर शपथ ली। इनमें से एक बाइबल पारिवारिक मित्र रेजिना शेल्टोन और दूसरी बाइबल उच्चतम न्यायालय के देश के पहले अफ्रीकी अमेरिकी न्यायाधीश थुर्गुड मार्शल से संबंधित थी।

 

12. सात वर्ष की उम्र में माता-पिता एक दूसरे से अलग हो गए
कमला देवी हैरिस की मां श्यामला गोपालन 1960 में भारत के तमिलनाडु से यूसी बर्कले पहुंची थीं, जबकि उनके पिता डोनाल्ड जे हैरिस 1961 में ब्रिटिश जमैका से इकोनॉमिक्स में स्नातक की पढ़ाई करने यूसी बर्कले आए थे। यहीं अध्ययन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और मानव अधिकार आंदोलनों में भाग लेने के दौरान उन्होंने विवाह करने का फैसला कर लिया। हाईस्कूल के बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाली कमला अभी सात ही बरस की थीं, जब उनके माता-पिता एक दूसरे से अलग हो गए। कमला और उनकी छोटी बहन माया अपनी मां के साथ रहीं और उन दोनों के जीवन पर मां का बहुत प्रभाव रहा।

13. दोनों बहनो को श्यामला एंड द गर्ल्स’ के नाम से लोग जानने लगे थे
बाइडन-हैरिस की प्रचार वेबसाइट पर इस संबंध में कमला ने अपनी आत्मकथा ‘द ट्रुथ्स वी होल्ड’ में लिखा है कि उनकी मां को पता था कि वह दो अश्वेत बेटियों का पालन पोषण कर रही हैं और उन्हें सदा अश्वेत के तौर पर ही देखा जाएगा, लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों को ऐसे संस्कार दिए कि कैंसर अनुसंधानकर्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता श्यामला और उनकी दोनों बेटियों को ‘ श्यामला एंड द गर्ल्स’ के नाम से जाना जाने लगा।

14. कैलिफोर्निया की अटॉर्नी बनने वाली पहली महिला और पहली अश्वेत थीं
होवार्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन के बाद हैरिस ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। 2003 में वह सेन फ्रांसिस्को की शीर्ष अभियोजक बनीं। 2010 में वह कैलिफोर्निया की अटॉर्नी बनने वाली पहली महिला और पहली अश्वेत व्यक्ति थीं।

15. यहूदी परंपरा से भी ताल्लुक रखती है
2017 में हैरिस कैलिफोर्निया से जूनियर अमेरिकी सीनेटर चुनी गईं। कमला ने 2014 में जब अपने साथी वकील डगलस एमहॉफ से विवाह किया तो वह भारतीय, अफ्रीकी और अमेरिकी परंपरा के साथ साथ यहूदी परंपरा से भी जुड़ गईं।