यरूशलम पर अमेरिका के फ़ैसले के खिलाफ़ 128 मत

शेयर करें:

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने गुरुवार को एक प्रस्ताव पास कर अमेरिका से येरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के फ़ैसले को वापस लेने को कहा है। इस प्रस्ताव का भारत समेत 128 देशों ने समर्थन किया, जबकि सिर्फ 9 देशों ने ही प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया।

यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रुप में अमेरिका द्वारा मान्यता दिये जाने को अस्वीकार करने वाले एक प्रस्ताव पर गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में मतदान हुआ। प्रस्ताव के समर्थन में भारत समेत 128 देशों ने वोट डाले। जबकि 9 देशों ने प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया। वहीं इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने संयुक्त राष्ट्र में यरूशलम पर हुए मतदान को खारिज कर दिया है।

इस बीच, येरूशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के लिए अरब और मुस्लिम देशों के अनुरोध पर 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा की आज अपात बैठक होगी।

गौरतलब हो कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी कि जो भी देश प्रस्ताव के पक्ष में वोट देंगे, उन्हें अमेरिका की तरफ से दी जाने वाली आर्थिक मदद में कटौती की जाएगी। उनकी धमकी का कोई ख़ास असर नहीं पड़ा और सिर्फ 9 देशों ने ही प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया. 35 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निकी हेली ने महासभा के प्रस्ताव की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस दिन को याद रखेगा जब एक संप्रभु देश के तौर पर अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की वजह से संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस पर हमला हुआ, उन्होंने कहा कि अमेरिका येरुशलम में अपना दूतावास खोलेगा।

सोमवार को अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ऐसे ही एक प्रस्ताव को वीटो किया था. अमेरिका को छोड़कर यूएनएससी के बाकी सभी 14 सदस्य प्रस्ताव के पक्ष में थे. अमेरिका द्वारा प्रस्ताव का वीटो किए जाने के बाद उसे महासभा में भेजा गया था।