नैनी जेल मैं कैदी रक्षकों के हाथ पहुंचता है नशा

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प्रयागराज :जेल में कैदीयों की मुर्गा पार्टी का वीडियो वायरल होने का मामला चर्चा में है। सेंट्रल जेल नैनी भी इस मामले में बदनाम रहा है। यहां भी मुर्गा, मछली पहुंचना आम है।  कैदी रक्षकों के मार्फत ही रात के अंधेरे में नशे का सामान भी मुहैया होता है। नैनी जेल में कई सालों तक बंद रहे कई माननीयों और उनके खास गुर्गों के लिए तो जेल में ही नानवेज की हांडी चढ़ती थी। अब माफिया, कुख्यात अपराधी रुपये फेंककर मनचाही चीजें हासिल कर रहे हैं। लाख कोशिशों के बाद भी जेल में मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक नहीं लग सकी। दिन भर इसे लेकर सख्ती रहती है लेकिन रात में जब कैदी गिनती के बाद बैरकों में पहुंचते हैं तो उन्हें फोन की सुविधा मुहैया हो जाती है। ज्यादा रुपये खर्च करने पर मोबाइल पूरी रात के लिए दे दिया जाता है। सुबह फिर जेल कर्मी वापस ले लेते हैं। कम रुपये खर्च करने पर जेल कर्मी फर्जी आइडी पर लिए गए सिम वाला फोन कैदियों को देते हैं, इसी से सब अपने घरवालों, दोस्तों को फोन करते हैं। जेल में होटलों से पैक खाना कई बार ले जाते पकड़ा जा चुका है। पिस्टल, शराब पहुंचाने के मामले भी सामने आए हैं। बीड़ी, सिगरेट तो आम है। रायबरेली के वरिष्ठ जेल अधीक्षक समेत छह लोगों के निलंबन का असर नैनी जेल में भी देखने को मिला। डीआइजी जेल वीआर वर्मा ने मंगलवार की सुबह से देर रात तक तीन बार जेल में तलाशी अभियान चलवाया। डीआइजी का कहना है कि देर रात इसी वजह से तलाशी कराई गई ताकि साफ हो सके कि कर्मचारियों की मिलीभगत से मुर्गा,मछली आदि जेल के अंदर तो नहीं आ रही है।[ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज]