दो बहनो ने दूर किया आपसी मतभेद

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बड़वानी @ नेशनल लोक अदालत में किस प्रकार आपसी समझौते से वर्षो पुराने प्रकरण निराकरण होते है यह तो हर बार देखने को मिल जाते है। किन्तु दो बहने ने आपसी मतदभेद को भुलाकर एक दूसरे को गले से लगाकर समझौता किस प्रकार किया द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बड़वानी समीर कुलश्रेष्ठ की खण्डपीठ में देखने को मिला।

प्रकरण अनुसार दो बहने विनिता एवं शैफाली जो आपस में मधुर संबंध के साथ रहती थी, आपसी लेनदनो को लेकर बड़ी बहन विनिता द्वारा धन वसूली हेतु छोटी बहन शैफाली के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कराया था। उक्त प्रकरण अपील न्यायालय तक पहुंच गया था जिसमें द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश समीर कुलश्रेष्ठ द्वारा समझाौता करवाया गया।

शनिवार को लगी लोक अदालत में इस प्रकरण में न्यायाधीश की समझाईश के पश्चात् दोनो बहनो ने गले मिलकर चले आ रहे बेर को समाप्त कर दिया। इस समझौते में दोनो पक्षो के वकील पीके मुकाती एवं मनोज तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लोक अदालत में हुए इस समझौते को स्थाई बनाये रखने के लिए दोनो बहनो ने न्यायाधीश के हाथो प्राप्त पौधो को अपने घर में लगाकर उसे बड़ा करने का भी प्रण लिया।

मारपीट के प्रकरण एक दूसरे से गले मिलकर किया समझौता
शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में मारपीट एवं आपसी विवाद के प्रकरण में समझौता करने में सफलता प्राप्त की। प्रकरण अनुसार ग्राम वेदपुरी में 2016 धर्मया एवं तिंगड़ा के मध्य मारपीट एवं विवाद हुआ था। विवाद के पश्चात् उक्त प्रकरण न्यायालय में पहुंचा। शनिवार को लगी लोक अदालत में इस प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एसआर सीनम की समझाईश के पश्चात् दोनो पक्षकारो ने गले मिलकर दो वर्षाे से चले आ रहे बेर को समाप्त कर दिया। इस समझौते में दोनो पक्षो के वकील पीके मुकाती एवं सुनिल पण्डित की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लोक अदालत में हुए इस समझौते को स्थाई बनाये रखने के लिए दोनो पक्षकारो ने न्यायाधीश के हाथो प्राप्त पौधो को ग्राम में लगाकर उसे बड़ा करने का भी प्रण लिया।