चार साल की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में पुलिस की छापामारी

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इलाहाबाद : करेली इलाके में मासूम बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में शुक्रवार को पुलिस टीमों ने खुल्दाबाद और करेली इलाके से तीन संदिग्धों को उठाया है। पुलिस टीमें झोपड़ पट्टी के आसपास निगरानी में लगीं थीं। सुबह करीब साढ़े चार बजे दो संदिग्ध वहां घूमते पाए गए। उनके बाद गुमटी के पीछे खड़े एक शख्स को भी पुलिस ने उठा लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।शुक्रवार रात लाल बाग कालोनी इलाके में झुग्गी बनाकर रहने वाले मजदूर की बेटी का अपहरण कर दुष्कर्म किया गया था। चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की तीन टीमें छापामारी कर रही हैं। बच्चियों से दुष्कर्म के कई मामले सामने आए हैं, ऐसे में क्राइम ब्रांच करेली इलाके में घूमकर सुराग जुटाने में लगी है। सभी बच्चियों को देर रात घर के पास से उठाया गया था। ऐसे में पुलिस झोपड़ पट्टी वाले इलाके में निगरानी कर रही है। पुलिस ने बुधवार तक 25 संदिग्धों से पूछताछ की लेकिन सुराग नहीं मिला। वर्ष 2015 में बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में जेल गए अशरफ नामक युवक से भी पुलिस ने बुधवार को लंबी पूछताछ की। अशरफ तेरह महीने की सजा काटकर जेल से छूटा है। नए सिरे से पूछताछ में अशरफ ने खुद को बेगुनाह बताया। उसका कहना है कि तब पुलिस ने उसे फंसा दिया था। असली मुजरिम बच गया। अब पुलिस के कान खड़े हो रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि कहीं सीरियल रेपिस्ट तो चार साल से पुराने शहर में घूम-घूम कर वारदात तो नहीं कर रहा। वर्ष 2015 में करेली में कौशांबी से आई एक बच्ची से दुष्कर्म किया गया था। बच्ची को रात में उठाया गया और दुष्कर्म कर छोड़ दिया गया था। उस मामले में पुलिस ने एक आरोपित को जेल भेजा था। इसके बाद भी ऐसी घटनाएं रुकी रहीं। पहले झुग्गी झोपड़ी से बच्ची को उठाकर दुष्कर्म के बाद उसे कब्रिस्तान में फेंका गया। इस बार बच्ची को रात में उठाकर दुष्कर्म के बाद उसे कालेज के मैदान में फेंका गया। अब पुलिस टीम मान रही है कि कोई सनकी पुराने शहर में घूम-घूम कर ऐसी घटनाएं कर रहा है।  [ब्यूरो रिपोर्ट इलाहाबाद]